नई दिल्ली पर आधारित सामान्य पंचांगों में योगिनी एकादशी लगभग 10 जुलाई 2026 और देवशयनी एकादशी लगभग 25 जुलाई 2026 को मानी गई। वैष्णव कैलेंडर और स्थानीय सूर्योदय नियम के कारण व्रत या पारणा की अंग्रेजी तारीख अलग हो सकती है, इसलिए अपने शहर और परंपरा का पंचांग देखें।
योगिनी एकादशी
योगिनी एकादशी आषाढ़ कृष्ण पक्ष में आती है। पारंपरिक कथा इसे संयम, जिम्मेदारी और कर्तव्य की उपेक्षा सुधारने से जोड़ती है। अलग कथनों में विवरण बदल सकता है, इसलिए इसे सांस्कृतिक मार्गदर्शिका मानें, ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं।
सरल व्रत रूपरेखा
- स्वास्थ्य अनुमति दे तो पिछली शाम हल्का भोजन लें।
- परिवार या मंदिर के प्रार्थना, भोजन और जल संबंधी नियम मानें।
- विष्णु प्रार्थना या ॐ जय जगदीश हरे आरती पढ़ें।
- स्थानीय द्वादशी पारणा समय में व्रत खोलें।
देवशयनी एकादशी
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल पक्ष में आती है और परंपरा में चातुर्मास की शुरुआत मानी जाती है। वैष्णव परंपरा में विष्णु की योग निद्रा को संयम, अध्ययन और नियमित पूजा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
स्वास्थ्य और व्रत
कहीं पूर्ण उपवास और कहीं फल, दूध या एक अनुमत भोजन लिया जाता है। बच्चे, गर्भवती लोग, बुजुर्ग और मधुमेह, दवा या दूसरी स्वास्थ्य स्थिति वाले व्यक्ति उचित चिकित्सा सलाह लें।
तारीख अलग क्यों हो सकती है?
व्रत सूर्योदय पर तिथि, स्मार्त या वैष्णव नियम और स्थानीय समय पर निर्भर करता है। दूसरे शहर का पारणा समय न अपनाएं। Destiny Grid पंचांग या भरोसेमंद स्थानीय कैलेंडर देखें।
सूचना: इस लेख की व्याख्याएं पारंपरिक मान्यताओं का वर्णन करती हैं। तारीख और पूजा का समय शहर, पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार बदल सकता है। जरूरी फैसले सही तथ्यों और योग्य सलाह के आधार पर लें।
संपादकीय स्रोत
तिथि से जुड़ी जानकारी नीचे दिए गए संदर्भों से जांची गई है। स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।