← सभी लेखों पर वापस जाएं
Vrats & Festivals

छठ पूजा 2026: चार दिनों की तारीखें, अर्घ्य और व्रत कथा

A

Destiny Grid संपादकीय टीम

अपडेट की तिथि 19 अक्टूबर 2026

2026 में छठ पूजा 13 से 16 नवंबर तक है। संध्या अर्घ्य रविवार, 15 नवंबर को दिया जाएगा। सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना का यह पर्व कृतज्ञता, संयम और पारिवारिक सहयोग से जुड़ा है।

छठ पूजा के चार दिन

  1. शुक्रवार, 13 नवंबर: नहाय-खाय। स्नान, स्वच्छता और सादे भोजन से पर्व की शुरुआत होती है।
  2. शनिवार, 14 नवंबर: खरना। शाम का पूजन और प्रसाद परिवार की रीति से होता है। कई घरों में खीर बनाई जाती है।
  3. रविवार, 15 नवंबर: संध्या अर्घ्य। अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। नई दिल्ली में सूर्यास्त शाम 5:28 बजे IST है। स्थानीय व्यवस्था के अनुसार पहले पहुंचें।
  4. सोमवार, 16 नवंबर: उषा अर्घ्य। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परंपरा के अनुसार व्रत पूर्ण किया जाता है और पारण होता है। इस तारीख के लिए स्थानीय सूर्योदय अलग से देखें।

षष्ठी तिथि और मुख्य पूजा

नई दिल्ली के संदर्भित पंचांग में षष्ठी तिथि 14 नवंबर रात 11:23 बजे से 16 नवंबर रात 2:00 बजे तक है। मुख्य संध्या अर्घ्य 15 नवंबर को है। 15 नवंबर के लिए दिया गया सूर्योदय 16 नवंबर के उषा अर्घ्य का समय न मानें।

छठी मैया की प्रचलित कथा

एक प्रचलित कथा में राजा प्रियव्रत और रानी मालिनी अपने शिशु के लिए शोक करते हैं। षष्ठी से जुड़ी देवी प्रकट होती हैं, उन्हें आशा देती हैं और बालक को पुनः जीवन मिलता है। परिवार श्रद्धा से देवी की पूजा करता है और लोगों तक इस उपासना का संदेश पहुंचाता है। कथा में संरक्षण और कृतज्ञता का भाव है; अलग परंपराओं में नाम और विवरण बदलते हैं। इसे चिकित्सा संबंधी परिणाम की गारंटी न समझें।

प्रसाद और परिवार की तैयारी

मौसमी फल, ठेकुआ और परंपरागत प्रसाद बांस की टोकरी या सूप में सजाए जाते हैं। स्वच्छ बर्तनों का उपयोग करें और व्रती परिवार की रीति का ध्यान रखें। स्वयं व्रत न रखने वाले सदस्य भोजन बनाने, आने-जाने और सफाई में सहायता कर सकते हैं।

कुछ परंपराओं में लंबा निर्जला उपवास होता है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य की जरूरतों का सम्मान करें। नदी या सार्वजनिक घाट पर निर्धारित क्षेत्र और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था का पालन करें।

सामान्य प्रश्न

क्या छठ केवल सूर्यास्त की पूजा है?

नहीं। तीसरे दिन अस्त होते सूर्य और चौथे दिन उगते सूर्य, दोनों को अर्घ्य दिया जाता है।

क्या हर शहर में दिल्ली का सूर्यास्त मानें?

नहीं। अपने स्थान का सूर्योदय-सूर्यास्त और जिस घाट पर जाना है उसकी व्यवस्था देखें।

संबंधित लेख

स्रोत और तिथि-जांच

तिथि और समय की जांच: 19 अक्टूबर 2026। सभी समय नई दिल्ली, भारत, IST के हैं। दूसरे शहर के लिए स्रोत में अपना शहर चुनें; केवल समय-अंतर जोड़ना पर्याप्त नहीं है। कथा का यह संक्षिप्त पुनर्कथन है; स्थानीय परंपराओं में भिन्नता हो सकती है।

संबंधित लेख

Vrats & Festivals

धनतेरस 2026: तारीख, नई दिल्ली का पूजा समय और तैयारी

धनतेरस 6 नवम्बर 2026 को है। नई दिल्ली का पूजा समय 18:02–19:57 IST, त्रयोदशी तिथि और घर की पूजा की सरल तैयारी पढ़ें।

Vrats & Festivals

अहोई अष्टमी 2026: तारीख, पूजा का समय और सरल तैयारी

अहोई अष्टमी 1 नवम्बर 2026 को है। नई दिल्ली का पूजा समय, तारे और चन्द्रमा की प्रतीक्षा का फर्क और घर की सरल तैयारी पढ़ें।

Vrats & Festivals

रमा एकादशी 2026: व्रत की तारीख, पारण समय और पूजा गाइड

रमा एकादशी 5 नवम्बर 2026 को है। नई दिल्ली में 6 नवम्बर को पारण 06:37–08:48 IST है। तिथि, व्रत का दिन और पारण का फर्क समझें।

इस सामान्य लेख से परे व्यक्तिगत मार्गदर्शन चाहते हैं?

यह लेख सामान्य पारंपरिक जानकारी देता है। आपकी जन्म तिथि के नंबरों के आधार पर व्यक्तिगत दिशा के लिए, अपनी डेस्टिनी ग्रिड प्रोफाइल और प्रीमियम अंकशास्त्र रिपोर्ट देखें।

यह गाइड परिवार के साथ साझा करें

जिसे यह जानकारी उपयोगी लगे, उसे सही वर्ष और शहर वाली लिंक भेजें।

https://www.destinygrid.in/hi/blogs/chhath-puja-2026-four-day-dates-arghya-and-katha

अगला कदम उठाएं

इस लेख को साझा करें या अंकशास्त्र के और लेख पढ़ें।